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सीएम धामी ने 21 वर्षीय प्रियंका को दी जीत की बधाई, कहा विकास के लिए मिलकर करेंगे काम

देहरादून: उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025 के परिणाम बीते 31 जुलाई को जारी हो गए हैं। इस बार चुनाव में कई युवा प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई है, और सफलता भी पाई है। इन्हीं में चमोली में स्थित मुख्यमंत्री आदर्श गांव सारकोट में भी 21 वर्षीय प्रियंका नेगी ने चुनाव जीता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद कॉल करके प्रियंका नेगी को जीत की बधाई दी और कहा कि गांव के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।

उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025 में मुख्यमंत्री आदर्श गांव सारकोट के निवासियों ने युवा प्रत्याशी पर भरोसा कर 21 वर्षीय प्रियंका नेगी को जिताया है। प्रियंका नेगी ने इस पंचायत चुनाव में 421 वोट प्राप्त कर सारकोट गांव की ग्राम प्रधान बनने का गौरव हासिल किया है। वहीं प्रियंका नेगी की विपक्षी प्रत्याशी प्रियंका देवी को 235 मत प्राप्त हुए हैं। आपको बता दें कि प्रियंका नेगी ने गैरसैंण महाविद्यालय से राजनीति शास्त्र विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। इससे पहले 2014-19 तक प्रियंका के पिता भी ग्राम प्रधान रह चुके हैं।
गांव के विकास के लिए मिलकर करेंगे काम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवर्निवाचित ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी को स्वयं फोन करके जीत की बधाई दी और कहा कि सारकोट के ग्रामीणों ने अच्छा चुनाव लड़ा है। सीएम ने प्रियंका से कहा कि सारकोट गांव के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के उच्च अधिकारी जल्द गांव का निरीक्षण करेंगे। उन्होनें प्रियंका नेगी से गांव में चल रहे विकास कार्यों और गांव की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने को कहा है। सीएम धामी नें प्रियंका नेगी को देहरादून भी आमंत्रित किया है।
सीएम ने सारकोट को किया था आदर्श गांव घोषित

आपको बता दें कि चमोली जिले के सबसे बड़े गांवों में से एक मुख्यमंत्री आदर्श गांव सारकोट में वर्तमान में 300 से अधिक परिवार निवास करते हैं। सारकोट गांव में पलायन न होने के कारण मुख्यमंत्री धामी ने भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान सारकोट गांव को आदर्श गांव घोषित किया था। मुख्यमंत्री के आदेश पर सारकोट गांव में अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। सारकोट गांव के हर घर में समान रंग, मशरूम उत्पादन, स्वास्थ्य शिविर, पशुपालन, और कृषि से संबंधित कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा समय-समय पर गांव में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है।

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