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संरचना पुनर्गठन व sto नियमावली लंबित होने पर जताया विरोध

आज दिनांक 29 दिसंबर 2025 (सोमवार) को उत्तराखण्ड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री जगमोहन सिंह नेगी के आह्वान पर प्रदेशभर में राज्य कर विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक घंटे की गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्य कर मुख्यालय सहित सभी जनपदों में कर्मचारियों ने भाग लेकर शासन व सरकार के टालमटोल भरे रवैये के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
गेट मीटिंग का आयोजन पूर्वाह्न 11:00 बजे से 12:00 बजे तक किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित विभागीय कर्मचारियों के ढांचा (Structure) पुनर्गठन एवं sto नियमावली पर अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
15 जनवरी तक कार्रवाई नहीं तो आंदोलन होगा तेज
गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष श्री जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि यदि 15 जनवरी 2026 तक कर्मचारियों की मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 16 जनवरी से प्रदेशभर में प्रतिदिन एक घंटे की गेट मीटिंग की जाएगी तथा प्रत्येक जिले के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि 8 दिसंबर 2025 को कर्मचारियों का ढांचा वित्त अनुभाग-08, उत्तराखण्ड शासन (सचिवालय) को भेजा गया था, जिसमें भारी संख्या में पदों में कटौती की खबरें सामने आ रही हैं। यदि कर्मचारियों का ढांचा उनके अनुकूल स्वीकृत नहीं किया गया तो उसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और संयुक्त परिषद के साथ मिलकर कार्य बहिष्कार आंदोलन किया जाएगा।
अधिकारियों के पद बढ़े, कर्मचारियों का ढांचा 20 वर्षों से स्थिर
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड राज्य में कुल राजस्व प्राप्ति में राज्य कर विभाग का योगदान 50 प्रतिशत से अधिक है, इसके बावजूद भी विभागीय कर्मचारियों का संरचनात्मक पुनर्गठन वर्ष 2006-07 के बाद से अब तक नहीं किया गया।
जबकि राज्य कर विभाग के अधिकारी संवर्ग में—
वर्ष 2006-07 तक कुल स्वीकृत पद: 354
वर्ष 2016-17 में: 63 पद सृजित
वर्ष 2024-25 में: 15 नए कार्यालयों सहित 19 पद सृजित
वर्तमान में अधिकारियों के कुल स्वीकृत पद: 481
इसके विपरीत कर्मचारियों के कुल स्वीकृत पद वर्ष 2006-07 से आज तक मात्र 777 पर ही स्थिर हैं। 20 वर्षों में कर्मचारियों के पदों में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे विभाग में पिरामिडीय पदानुक्रम पूरी तरह असंतुलित हो गया है। वर्तमान में विभाग में कर्मचारियों के सृजित पदों के सापेक्ष 61 प्रतिशत पद ही कार्यरत हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
जीएसटी के बाद व्यापारियों की संख्या में 113% की वृद्धि
कर्मचारियों ने बताया कि 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने से पहले राज्य में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या लगभग 1 लाख थी, जो अब बढ़कर 2 लाख 13 हजार से अधिक हो चुकी है। यानी व्यापारियों की संख्या में 113 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन उसके अनुपात में कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई, जिससे कर्मचारियों पर कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है और वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
विरोध प्रदर्शन में ये रहे उपस्थित
राज्य कर मुख्यालय में आयोजित गेट मीटिंग एवं विरोध प्रदर्शन में—
प्रांतीय अध्यक्ष: श्री जगमोहन सिंह नेगी
प्रांतीय संरक्षक: श्री भरत सिंह राणा
शाखा मुख्यालय सलाहकार: श्री भूपेन्द्र सिंह भण्डारी
कनिष्ठ उपाध्यक्ष: श्रीमती ज्योति पाटियाल
शाखा मंत्री: श्री पिंकेश रावत
सहित श्री अनुज जैन, अनुराग असवाल, अनुराग चचल, अरविन्द चौहान, विकास राघरा, विधिन डंग्याल, राजेन्द्र जोशी, जैन सिंह पंवार, हरिश पंवार, राकेश विष्ट, बलवीर नेगी, अमित कोठारी, दीपेन्द्र, रोजी सिंह, मुकेश, यशवीर, कविता, शीतल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं सुरक्षा कर्मी उपस्थित रहे।

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