Breaking News

बीते साल यूसीसी और ऑपरेशन कालनेमि की देशभर में रही गूंज, उत्तराखंड ने इन क्षेत्रों ने पकड़ी रफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड की स्थापना का रजत जयंती वर्ष 2025 कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने पूरे वर्ष धमक पैदा करने की कोशिश की। राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के साथ ऑपरेशन कालनेमि की देशभर में गूंज रही। इसके अलावा अन्य ऐतिहासिक निर्णयों और राज्य को हासिल उपलब्धियों ने भी खूब चर्चा बटोरी। माना जा रहा है कि नए साल के आगामी दिनों में भी धामी सरकार राज्य के निवासियों की उम्मीदों का खाका पेश करने का का प्रयास करेगी।

समान नागरिक संहिता:- राज्य में 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता लागू कर सरकार ने अन्य राज्यों को भी इसकी राह दिखाई। यह संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य है।
राष्ट्रीय खेल :-वर्ष 2025 में उत्तराखंड का नाम खेल पटल पर भी छाया रहा। उत्तराखंड ने 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया, बल्कि राज्य की प्रतिभाओं ने 103 पदक जीतकर सातवां स्थान हासिल करते हुए अब तक का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
ऑपरेशन कालनेमि:- देवभूमि में धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी व अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से सरकार ने 10 जुलाई से ऑपरेशन कालनेमि शुरु किया। इसके तहत जहां बड़ी तादाद में लोगों का सत्यापन हुआ, वहीं अब तक 724 मुकदमे और 511 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार किए गए, जिनमें 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है।
युवा और रोजगार:-बीते वर्ष विभिन्न विभागों में रिकार्ड सात हजार रिक्त पदों पर युवाओं को नौकरी मिली। इसके साथ ही धामी सरकार के अब तक के कार्यकाल में युवाओं को नौकरी मिलने का आंकड़ा 26 हजार पहुंच गया।
उद्योग :- राज्य में दिसंबर 2023 में हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन में आए निवेश प्रस्ताव बीते साल धरातल पर उतरते नजर आए। सम्मेलन में हुए 3.56 लाख करोड़ रुपए के निवेश संबंधित एमओयू में से अब तक एक लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो चुकी है।
खेती-किसानी:- कृषि के क्षेत्र में मिलेट मिशन, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट खेती योजना के जरिए भी किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।
अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम:-राज्य में लागू इस अधिनियम के तहत अल्पसंख्यक समुदायों की ओर से संचालित शिक्षण संस्थानों के लिए प्राधिकरण बनेगा। प्राधिकरण अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता देगा। पंजीकृत सभी मदरसों में उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू होगा।
योग से निरोग तक :- योग नीति के तहत आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनामिक जोन की स्थापना की तैयारी है।
शीतकालीन यात्रा और हाई एल्टीट्यूट अल्ट्रा मैराथन :- शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहन देने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह मार्च को उत्तरकाशी के हर्षिल पहुंचे। एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के क्रम में नवंबर में पिथौरागढ़ जिले में 14 हजार फीट की ऊंचाई पर आदि कैलास में पहली हाई एल्टीट्यूट अल्ट्रा मैराथन हुई।
राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में वृद्धि :-सरकार ने बलिदानी राज्य निर्माण आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्र की मुख्य अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण करने, आंदोलनकारियों की पेंशन में बढ़ोतरी का निर्णय लिया।

नये वर्ष ने दस्तक दे दी है, इसके साथ ही नई उम्मीदें जगना स्वाभाविक है। पन्ने पलटें तो गुजरे साल उत्तराखंड के खाते में कई उपलब्धियां दर्ज नजर आती हैं। इन्हीं के आगे बढ़ने की उम्मीद जन और तंत्र कर रहा है। विशेषकर, पर्यटन-तीर्थाटन, खेती-किसानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अध्यात्म के क्षेत्र में काफी कुछ नया करने की संभावना तलाशी जा रही है। इनके लिए कदम बढ़े हैं, अब इन्हें गति प्रदान करने की जरूरत है। विभिन्न सेक्टर में क्या-क्या संभावनाएं हैं और कैसे इन्हें धरातल पर उतारा जा सकेगा, इन्हीं उम्मीदों का लेखा-जोखा बताती सीरीज शुक्रवार से शुरू की जा रही है।

Check Also

उत्तराखंड में सनसनीखेज घटना, वकील ने डिप्रेशन में खुद को गोली से उड़ाया; कार में मिला सुसाइड नोट

नैनीताल: उत्तराखंड के Nainital में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्ट्रेट पार्किंग …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *