रुड़की: रुड़की में विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण द्वितीय क्षेत्र में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी पर आरोप है कि उन्होंने एक आंगनबाड़ी सहायिका से प्रमोशन कराने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की थी। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत विजिलेंस विभाग से की, जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच शुरू की गई।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
देहरादून से आई विजिलेंस टीम ने शिकायत की पुष्टि होने के बाद योजना बनाकर जाल बिछाया। 25 मार्च को जैसे ही आरोपी सुपरवाइजर ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर ही उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्यालय में मचा हड़कंप
यह कार्रवाई बाल विकास अधिकारी कार्यालय, रुड़की में की गई। अचानक हुई विजिलेंस की छापेमारी से पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अन्य कर्मचारियों में भी इस कार्रवाई के बाद खौफ देखा गया।
अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में विकास भवन रोशनाबाद स्थित डीपीओ कार्यालय के एक अधिकारी का नाम भी सामने आया है। विजिलेंस टीम अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं यह मामला बड़े स्तर के भ्रष्टाचार से जुड़ा तो नहीं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस विभाग का कहना है कि मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
रुड़की में हुई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। यह साफ संकेत है कि सरकारी तंत्र में रिश्वतखोरी को लेकर अब सख्ती बढ़ाई जा रही है। ऐसे मामलों में जागरूकता और शिकायत करना ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
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