डोईवाला – बुल्लावाला क्षेत्र में सिंचाई विभाग की ओर से कराए जा रहे नहर और कुलावों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के चलते कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। किसानों का कहना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे भविष्य में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार, 13 जून 26 को डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला द्वारा 8.57 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य सिंचाई नहर, कुलावों तथा हेड निर्माण व पुनरुद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया था। इस योजना के तहत 15.50 किलोमीटर कुलावे और 3.87 किलोमीटर लंबी मुख्य सिंचाई नहर का निर्माण प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी लागत के बावजूद निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका बनी हुई है, जिससे नहर की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष एवं स्थानीय निवासी राजेंद्र तडियाल ने कहा कि सिंचाई नहर और कुलावे किसानों की आजीविका से सीधे जुड़े हैं। ऐसे कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पूर्व सैनिक एवं किसान विजेंद्र राणा ने कहा कि नहर किसानों की जीवनरेखा है और कमजोर निर्माण से भविष्य में यह क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगी और किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता मंगल रोथान ने कहा कि क्षेत्र के किसान पहले से ही सिंचाई समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में घटिया निर्माण किसानों के साथ अन्याय है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
सिंचाई विभाग के अवर सहायक अभियंता अरुण कुमार ने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया जा रहा है। कुलावों में आवश्यक बेड और प्लास्टर का कार्य किया जाएगा, जिससे रिसाव की समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि कार्य अभी प्रगति पर है और सभी कमियों को समय रहते दूर कर लिया जाएगा।
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