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उत्तराखंड में महंगी होंगी जमीनें, 22 प्रतिशत तक बढ़े सर्किल रेट.. जानिए डिटेल

देहरादून: उत्तराखंड में अब जमीन खरीदना पहले की तुलना में महंगा पड़ने वाला है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में नए सर्किल रेट लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में संशोधित सर्किल रेट तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में करीब दो सालों के अंतराल के बाद राज्य में सर्किल रेट बदले गए हैं। इससे पहले वर्ष 2023 में संशोधन किया गया था। इस बार सरकार ने विभिन्न जिलों और नगरों में संपत्तियों के दामों में 8 से 22 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। जिन क्षेत्रों में बीते कुछ सालों में नई सड़कों का निर्माण, शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और औद्योगिक परियोजनाएं जैसे विकास कार्य तेजी से हुए हैं, उन क्षेत्रों में मुख्य रूप से ये बदलाव किए गए हैं. उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां विकास परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, वहां सर्किल रेट बढ़ाया गया है। ताकि बाज़ार मूल्य के अनुरूप सरकारी दरों में संतुलन स्थापित किया जा सके। वहीं जिन क्षेत्रों में संपत्ति के दाम स्थिर हैं या विकास की गति धीमी रही है, वहां सर्किल रेट पूर्ववत रखा गया है।
सरकार ने दी लंबित प्रस्ताव को मंज़ूरी

सूत्रों के अनुसार, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने जनवरी 2025 में ही नए सर्किल रेट का प्रारूप तैयार कर लिया था। लेकिन पहले पंचायत चुनावों और फिर प्राकृतिक आपदाओं के चलते इसे लागू करने में देरी हो गई। अब परिस्थितियां सामान्य होने पर सरकार ने लंबित प्रस्ताव को मंज़ूरी देते हुए संशोधित रेट जारी कर दिए हैं। नए सर्किल रेट लागू होने के बाद उत्तराखंड में जमीन, मकान और फ्लैटों की रजिस्ट्री की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर संपत्ति खरीदने वाले लोगों पर पड़ेगा, जबकि सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट बाज़ार में बढ़ती खरीद-फरोख्त और निर्माण गतिविधियों को देखते हुए यह कदम राज्य के वित्तीय ढांचे को मज़बूती देगा।
राज्य सरकार की आय में होगी वृद्धि

नए सर्किल रेल लागू होने के बाद से न केवल खुले भूखंड, बल्कि बहुमंजिला आवासीय भवनों में फ्लैट खरीदना और व्यावसायिक परिसरों में दुकानें लेना भी महंगा पड़ेगा। सरकार ने इस बार भी सर्किल रेट निर्धारण के लिए वर्ष 2023 में अपनाए गए फार्मूले को ही आधार बनाया है। कुल मिलाकर, उत्तराखंड में नए सर्किल रेट लागू होने से जहां एक ओर आम जनता को संपत्ति खरीदने के लिए पहले से अधिक भुगतान करना होगा, वहीं राज्य सरकार की आय में वृद्धि होने की संभावना है।

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